Driving Licence Apply Online: देश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस की अहमियत और बढ़ गई है। वाहन चलाने के लिए लाइसेंस न केवल एक अनिवार्य दस्तावेज है बल्कि यह यह साबित करता है कि चालक को ट्रैफिक नियमों की जानकारी है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाते पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यदि आपकी उम्र निर्धारित सीमा में आ चुकी है तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब पहले से भी आसान हो गया है क्योंकि परिवहन मंत्रालय ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी है।
Driving Licence Apply Online
ड्राइविंग लाइसेंस अब केवल एक पहचान दस्तावेज नहीं बल्कि वैध चालक होने का प्रमाण है। देश में बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अठारह वर्ष से अधिक आयु के नागरिक किसी भी गियर वाली गाड़ी के लिए स्थायी लाइसेंस बनवा सकते हैं, जबकि सोलह वर्ष से अधिक आयु वाले युवा बिना गियर वाले दोपहिया वाहन के लिए लर्नर लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। परिवहन मंत्रालय की डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से अब आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जा सकते हैं, जिससे आवेदक घर बैठे अपना लाइसेंस बनवा सकते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवश्यक पात्रता
परिवहन विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनके अनुसार आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक की उम्र अठारह वर्ष होना जरूरी है, जबकि बिना गियर वाले वाहन के लिए सोलह वर्ष की आयु पर्याप्त है। आवेदक को ट्रैफिक नियमों और संकेतों की बुनियादी जानकारी होना भी अनिवार्य है ताकि ऑनलाइन टेस्ट सहजता से पास किया जा सके।
ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय पहचान प्रमाण, पते के प्रमाण और उम्र का प्रमाण आवश्यक होता है। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और उम्र से संबंधित दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। साथ ही पासपोर्ट आकार की तस्वीर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और ब्लड ग्रुप की जानकारी भी आवेदन के दौरान देनी होती है। दस्तावेजों की जांच के बाद ही आवेदन आगे बढ़ाया जाता है।
लाइसेंस के प्रकार और उनकी मान्यता
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस मुख्य रूप से चार श्रेणियों में जारी किए जाते हैं। सबसे पहले लर्नर लाइसेंस जारी किया जाता है जिसकी वैधता छह महीने होती है। इसके बाद स्थायी लाइसेंस मिलता है जो ड्राइविंग टेस्ट पास करने पर दिया जाता है। भारी वाहनों को चलाने वाले नागरिक कमर्शियल लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं, जबकि विदेश में वाहन चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जारी किया जाता है। हर श्रेणी के लिए अलग-अलग योग्यता और दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं।
घर बैठे ऐसे करें ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। इसके लिए आवेदक को परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जहां ऑनलाइन सर्विसेज सेक्शन में राज्य का चयन करना होता है।
इसके बाद आवेदन फॉर्म खुलता है जिसमें व्यक्तिगत जानकारी, पता और दस्तावेजों का विवरण दर्ज करना होता है।
फॉर्म भरने के बाद निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा किया जाता है।
आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आवेदक को निर्धारित तारीख पर आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग टेस्ट देना होता है।
टेस्ट पास होते ही स्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाता है और लाइसेंस डाक द्वारा घर भेज दिया जाता है या पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क कितना लगता है
लाइसेंस की श्रेणी के आधार पर शुल्क निर्धारित किया गया है। सामान्य रूप से लर्नर और स्थायी लाइसेंस के लिए शुल्क सौ रुपये से लेकर पंद्रह सौ रुपये तक होता है। कमर्शियल और इंटरनेशनल लाइसेंस के लिए शुल्क अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकता है। शुल्क हमेशा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जमा किया जाता है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कई आवेदक यह जानना चाहते हैं कि वे बिना आरटीओ गए लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं या नहीं। प्रक्रिया का अधिकांश हिस्सा ऑनलाइन है लेकिन लाइसेंस जारी होने से पहले ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य है। वहीं जो आवेदक लर्नर लाइसेंस बनवाना चाहते हैं उन्हें ट्रैफिक नियमों से संबंधित प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट देना होता है। टेस्ट पास होते ही लर्नर लाइसेंस तुरंत जारी कर दिया जाता है।



