Electric Scooter Subsidy: दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर भारी सब्सिडी देने की घोषणा की है। Delhi Women Electric Scooter Subsidy 2025 के तहत अब राजधानी में रहने वाली महिलाएं ई-स्कूटर खरीदने पर कुल ₹46,000 तक की वित्तीय राहत प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल महिलाओं को आधुनिक और स्वच्छ परिवहन से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Electric Scooter Subsidy
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी की राशि बैटरी की क्षमता पर आधारित होगी। यदि कोई महिला इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदती है, तो उसे प्रति किलोवाट ₹12,000 की वित्तीय सहायता मिलेगी। उदाहरण के तौर पर यदि स्कूटर में 3 किलोवाट की बैटरी है, तो लाभार्थी को कुल ₹36,000 की सब्सिडी सीधे वाहन की कीमत में घटाकर दी जाएगी। इसके अलावा, यदि खरीदार के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद है, तो ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता और प्रदान की जाएगी। इस तरह महिला को कुल ₹46,000 तक की राहत मिल सकती है।
EV पॉलिसी 2.0 का हिस्सा है नई योजना
यह पूरी योजना दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 पर आधारित है। सरकार का लक्ष्य राजधानी में पेट्रोल, डीज़ल और CNG वाहनों की संख्या धीरे-धीरे कम करना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति दिल्ली को “ग्रीन मोबिलिटी कैपिटल” बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और ऊर्जा खपत भी काफी घटेगी।
मान्य डीलर से खरीदने पर ही मान्य होगी सब्सिडी
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह सब्सिडी केवल उन्हीं इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर लागू होगी जो सरकार द्वारा प्रमाणित डीलरों या आधिकारिक प्लेटफॉर्म से खरीदे गए हों। इस प्रावधान का उद्देश्य फर्जी खरीद-फरोख्त को रोकना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। महिला खरीदार को वाहन का पंजीकरण अपने नाम पर कराना अनिवार्य है और यह सुविधा केवल पहली बार वाहन खरीदने वालों को ही दी जाएगी।
रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए भी बड़े फायदे
दिल्ली सरकार की यह योजना केवल महिला ई-स्कूटर खरीदारों तक सीमित नहीं है। ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने वालों को भी बड़े लाभ दिए जा रहे हैं। यदि कोई चालक अपने पुराने CNG ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलता है, तो उसे ₹45,000 की सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा 12 साल से पुराने ऑटो को स्क्रैप करने पर ₹20,000 का अतिरिक्त इंसेंटिव और नया इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। सरकार ने नए CNG ऑटो परमिट जारी करने पर रोक लगाकर इलेक्ट्रिक विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और आसान
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को ev.delhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है ताकि किसी प्रकार की दलाली, देरी या भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हो सके। सब्सिडी की राशि अलग से बैंक खाते में नहीं भेजी जाएगी, बल्कि सीधे वाहन की कीमत में घटाकर दी जाएगी जिससे महिला को त्वरित लाभ मिल सके।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर महिलाओं के लिए तेज, सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगी, बल्कि उन्हें रोजगार, शिक्षा और दैनिक यात्रा में स्वतंत्रता भी देगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में कुल दोपहिया वाहनों में एक चौथाई वाहन इलेक्ट्रिक हों।
पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल भविष्य की ओर
इस निर्णय को पर्यावरण संरक्षण के साथ भारत के “नेट ज़ीरो एमिशन 2070” लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से न केवल कार्बन उत्सर्जन घटेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी काफी कम होगी। इसके अलावा महिलाएं डिजिटल भुगतान, ऐप-आधारित यात्राओं और स्मार्ट चार्जिंग सुविधाओं जैसी नई तकनीकों के उपयोग की ओर भी बढ़ेंगी।



